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virender sehwag on code language: code language par bhadke sehwag bole aise to koi bhi captaincy kar sakta hai: कोड लैंग्वेज पर सहवाग ऐसे तो कोई भी कप्तानी कर सकता है

नई दिल्ली
वीरेंदर सहवाग कोलकाता नाइट राइडर्स की ‘कोड वर्ड रणनीति’ से काफी नाराज हैं। सोमवार को पंजाब किंग्स के खिलाफ केकेआर की टीम ने इसे अपनाया जिससे सहवाग काफी निराश हैं। सहवाग का कहना है कि अगर डग आउट से खेल को यूं चलाने की इजाजत दी जाती है तो फिर मैदान पर कोई भी कप्तानी कर सकता है।

कोलकाता नाइट राइडर्स के रणनीतिकार नाथन लीमन ने हाथ में प्लेकार्ड लेकर मैदान पर इयॉन मॉर्गन को संदेश दिया। इन प्लेकॉर्ड पर ’54’ लिखा हुआ था। हालांकि कॉमेंटेटर्स और टीवी पर देख रहे फैंस ने इसका अपने-अपने हिसाब से अर्थ निकाला लेकिन वास्तव में किसी को इसके असली मायने नहीं पता थे।

क्रिकबज के साथ बातचीत में सहवाग ने कहा कि बैकरूम स्टाफ से मदद लेने में कोई गुरेज नहीं है। हालांकि, उन्होंने कहा कि इससे कप्तान की समझ कम दिखाई देती है।

सहवाग ने कहा, ‘हमें इस तरह की कोड भाषा सिर्फ सेना में दिखाई देती है। मुझे लगता है कि ’54’ यह उनके प्लान का हिस्सा हो सकता है कि किसी खास वक्त पर किसी खास गेंदबाज से बोलिंग करवाई जाए। मुझे लगता है कि प्रबंधन और कोच कप्तान को डग आउट से थोड़ी मदद देना चाहते हैं। इसमें कुछ भी उतावला होने की जरूरत नहीं है। लेकिन आप अगर इस तरह मैदान के बाहर से खेल को चलाएंगे तो ऐसे में तो फिर कोई भी कप्तान बन सकता है। सही बात है ना? ऐसे में फिर मॉर्गन की मशहूर सूझबूझ के लिए कोई जगह नहीं बची। इसी के चलते तो उन्होंने वर्ल्ड कप जीता था।’

सहवाग ने आगे कहा, ‘मुझे लगता है कि मैदान के बाहर से कप्तान को मदद जरूर मिलनी चाहिए। लेकिन कप्तान का अपना सहज ज्ञान भी होता है कि किस गेंदबाज को कब इस्तेमाल करना है। मैं यह नहीं कह रहा हूं कि बाहर से मदद न लें क्योंकि कई बार 25वां खिलाड़ी भी अच्छी सलाह दे सकता है। लेकिन यह सलाह सिर्फ इसलिए होनी चाहिए कि कप्तान यह सोचे. ‘सही बात है मैंने इस तरह के इस पर विचार नहीं किया।’ हां, अगर कप्तान कुछ भूल गए हों और उन्हें याद दिलाने के लिए ऐसा किया गया हो तो फिर कोई सवाल नहीं।’

नाथन लीमन ने इंग्लैंड की पुरुष टीम के लिए भी एनालिस्ट का काम किया है। उन्होंने 2020 में पहली बार इंग्लैंड के साउथ अफ्रीका दौरे के दौरान ध्यान खींचा था, जब उन्होंने कुछ नंबर्स और लेटर के जरिए मॉर्गन को संदेश भेजा है। उनके इसके काम की काफी आलोचना हुई थी।

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