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ICC world test championship India Vs newzealand india has never lost any final on lords cricket ground | लॉर्ड्स में एक भी फाइनल मैच नहीं हारी है भारतीय टीम, यहां मिल चुकी हैं दो बड़ी खिताबी जीत

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अहमदाबादएक घंटा पहले

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1983 में वर्ल्ड कप का फाइनल मुकाबला जीतने के बाद ट्रॉफी के साथ टीम इंडिया के कप्तान कपिल देव।

टीम इंडिया ने इंग्लैंड को 4 टेस्ट मैचों की सीरीज में 3-1 से हराकर पहली ICC टेस्ट चैम्पियनशिप के फाइनल में जगह बना ली है। अब इसी साल 18 से 22 जून तक इंग्लैंड में भारत का सामना न्यूजीलैंड से होगा। कोरोना के कारण ICC अभी आश्वस्त नहीं है कि यह मैच लॉर्ड्स में होगा या किसी अन्य ग्राउंड पर। हालांकि, अगर आयोजन लॉर्ड्स में होता है तो यह टीम इंडिया के लिए अच्छी खबर होगी। लॉर्ड्स को क्रिकेट का मक्का कहा जाता है। भारतीय क्रिकेट के लिए भी यह ग्राउंड इतिहास बदलने वाला रहा। यहां भारत ने दो फाइनल मुकाबले खेले हैं और दोनों में जीत हासिल की है।

1. 1983 में वेस्टइंडीज को हराकर पहली बार बने थे वर्ल्ड चैम्पियन
लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड में भारत ने पहला फाइनल मुकाबला 25 जून, 1983 को खेला था। यह तीसरे वनडे वर्ल्ड कप का फाइनल मैच था। सामने थी वेस्टइंडीज की शक्तिशाली टीम। भारतीय टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 183 रन पर ढेर हो गई थी। इसके बावजूद मोहिंदर अमरनाथ, मदन लाल, बलविंदर सिंह संधू, कप्तान कपिल देव और रोजर बिन्नी की बेहतरीन गेंदबाजी की बदौलत भारत ने वेस्टइंडीज को 140 रन पर समेट दिया। भारत पहली बार वर्ल्ड चैम्पियन बना और मोहिंदर अमरनाथ मैन ऑफ द मैच चुने गए।

2. कौन भूल सकता है नेटवेस्ट ट्रॉफी की जीत और गांगुली का टी-शर्ट घुमाना

लॉर्ड्स में भारतीय टीम ने दूसरा फाइनल मैच 13 जुलाई 2002 को खेला था। नेटवेस्ट ट्रॉफी ट्राएंगुलर सीरीज के खिताबी मुकाबले में भारत के सामने इंग्लैंड की टीम थी। इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 325 रन बना दिए। मार्कस ट्रेस्कोथिक और कप्तान नासिर हुसैन ने शतक जमाया। उस समय वनडे क्रिकेट में इतने बड़े लक्ष्य आमतौर पर चेज नहीं होते थे। ऊपर से भारत ने 146 रन पर पांच विकेट गंवा दिए।

सचिन पांचवें विकेट के रूप में आउट हुए और उनके पवेलियन लौटते ही देशभर में टीवी सेट बंद होने लगे। तब सचिन के आउट होने का मतलब भारत का मैच से आउट होना माना जाता था। लेकिन, उस रात ऐसा नहीं हुआ। उस रात भारतीय क्रिकेट के दो सुपरस्टार सामने आए। युवराज सिंह और मोहम्मद कैफ। युवी ने 69 रन बनाए और कैफ ने नाबाद 87 रन। भारत ने इतिहास रच दिया और खिताब जीत लिया।

जीत की खुशी में कप्तान सौरव गांगुली ने लॉर्ड्स की बालकनी पर टी-शर्ट उतारकर लहरा दिया। यह जवाब था इंग्लैंड के ऑलराउंडर एंड्रयू फ्लिंटॉफ को। फ्लिंटॉफ ने पिछले भारत दौरे पर एक जीत के बाद ग्राउंड पर इसी तरह टी-शर्ट उतारकर लहराया था। साथ यह मैसेज था पूरे क्रिकेटिंग जगत को। मैसेज ये कि यह यंग इंडिया है। डरती नहीं, लड़ती है। सिर्फ लड़ती ही नहीं जीतती भी है।

अब विराट एंड कंपनी के पास मौका

लॉर्ड्स में जो कमाल कपिल देव और सौरव गांगुली की टीमों ने किया वही कमाल अब विराट की टीम भी कर सकती है। पिछले पांच सालों से भारतीय टीम टेस्ट क्रिकेट में जैसा प्रदर्शन कर रही है उसकी बानगी जून के महीने में लॉर्ड्स में पांच दिन तक दिखानी है। फिर वनडे और टी20 में पहले वर्ल्ड चैम्पियन रह चुकी टीम इंडिया को टेस्ट में दुनिया का सिरमौर होने से रोकना बहुत मुश्किल होगा।

कोरोना की स्थिति देख कर होगा मैच पर फैसला
शेड्यूल के मुताबिक फाइनल लॉर्ड्स में होना है। लेकिन, अगर उस समय तक लंदन में कोरोना की स्थिति नहीं संभलती है तो मुमकिन है कि फाइनल का वेन्यू बदला जाए। इस बारे में अभी अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।

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